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कोई समझौता नहीं हुआ: गांगुली
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कोलकाता। बंगाल टाइगर सौरव गांगुली दहाड़ रहे हैं। उनकी यह दहाड़ उन लोगों के लिए है जो यह मान रहे हैं कि एक समझौते के तहत आस्ट्रेलिया के
खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज के बाद वे संन्यास ले लेंगे। मजबूत इरादों वाले गांगुली ने उतनी ही मजबूती से कहा कि कोई समझौता नहीं हुआ है।
पूर्व कप्तान ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया कि आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दो टेस्ट में भारत की 15 सदस्यीय टीम में उनका चयन एक
समझौते के तहत किया गया है, ताकि वह सम्मानजनक तरीके से क्रिकेट को अलविदा कह सकें। समझौते के बारे में पूछने पर उन्होंने पूरी ठसक के
साथ कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। बोर्ड के एक शीर्ष अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि करी है कि गांगुली को लेकर ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है।
कोलकाता के ईडन गार्डन में अभ्यास में जुटे गांगुली बोले आस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज कठिन होगी और मैं इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार
हूं। गांगुली ने इस सीरीज में टीम इंडिया की जीत का भरोसा जताया है।
चयन का समाचार मिलने के बाद गांगुली सीधे पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया से मिलने ईडन गार्डन के बीसी राय क्लब हाउस में उनके
कार्यालय गए। डालमिया के पुन: कैब अध्यक्ष बनने के बाद गांगुली की उनसे यह पहली मुलाकात है। डालमिया ने गांगुली के चयन की सराहना की और
उनसे बंगाल टीम की कमान संभालने की अपील की जो प्लेट लीग में खिसक गई है।
आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दो टेस्ट के लिए सौरव गांगुली को भारतीय टीम में जगह दिए जाने से मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई। पूर्व मुख्य
चयनकर्ता सैयद किरमानी ने गांगुली के चयन का स्वागत करते हुए कहा, वह इसके हकदार थे। उन्होंने इस बात को खारिज किया कि यह उनकी
सम्मानजनक विदाई के लिए लिया गया फैसला है। किरमानी के अनुसार इतने अनुभवी खिलाड़ी को अनदेखा नहीं किया जा सकता। वे युवाओं के
प्रेरणास्रोत हैं।
पूर्व कोच मदनलाल ने इसे पीछे की ओर उठाया गया कदम बताते हुए कहा, वह बुरा खिलाड़ी नहीं है, लेकिन हर किसी का एक समय होता है। कई नए
खिलाड़ी कतार में हैं, लेकिन मौजूदा चयन समिति ने उसे मौका दिया है। 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य कीर्ति आजाद का कहना है कि यह
अजीब स्थिति है। पहले तो उसे ईरानी ट्राफी टीम से बाहर नहीं किया जाना चाहिए था और अगर उसे नहीं चुना गया था, जो मेरे हिसाब से जायज था,
तो फिर नई चयन समिति को भी टीम चुनने के लिए कुछ मानदंड बनाने चाहिए थे।
आश्चर्य की बात है कि हमारे फैब फोर एक या दो साल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने की कगार पर है, लेकिन अभी इन खिलाडि़यों का
विकल्प तैयार नहीं हो सका है। पूर्व खिलाड़ी और मुख्य चयनकर्ता चंदू बोर्डे ने कहा, गांगुली के टीम में चुने जाने की उम्मीद थी, क्योंकि चयनकर्ता ईरानी
ट्राफी में युवाओं को मौका देना चाहते थे।
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