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कांग्रेस नेतृत्व उनकी काबिलियत से बखूबी वाकिफ है
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नई दिल्ली यूपी खबर कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जगदीश टाइटलर को बिहार का प्रभारी बनाकर उनका पुनर्वास खत्म कर दिया है। सिख विरोधी दंगों के विवाद की वजह से लोकसभा चुनाव लड़ने से वंचित रहे टाइटलर को इकबाल सिंह की जगह प्रभारी बनाया गया है। इकबाल सिंह को पिछले दिनों केन्द्र शासित प्रदेश पुडुचेरी का उपराज्यपाल बनाया गया था। कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि टाइटलर को सोनिया गांधी ने तत्काल प्रभाव से बिहार का प्रभारी नियुक्त किया है। लेकिन टाइटलर के कांग्रेस कार्यसमिति में शामिल होने को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं की गई है। पार्टी महासचिवों के अलावा अमूमन स्वतंत्र रूप से राज्यों का प्रभार देखने वाले नेताओं को कार्यसमिति में शामिल किया जाता रहा है। इकबाल सिंह भी कार्यसमिति के स्थाई सदस्य के रूप में बिहार का प्रभार देख रहे थे। टाइटलर की कार्यसमिति की सदस्यता भले ही अभी साफ नहीं हुई हो मगर उनको बिहार का प्रभार सौंप कर पार्टी नेतृत्व ने यह साफ संदेश दिया है कि विवादों की वजह से भले ही उनका लोकसभा का टिकट वापस लिया गया था लेकिन कांग्रेस नेतृत्व उनकी काबिलियत से बखूबी वाकिफ है। सिख विरोधी दंगों के विवाद की वजह से सज्जन कुमार का भी टिकट वापस लिया गया था मगर पार्टी ने उनके भाई रमेश कुमार को उम्मीदवार बनाकर उन्हें परोक्ष तौर पर संतुष्ट तो कर ही दिया था। उत्तरप्रदेश और बिहार कांग्रेस हाईकमान के प्रमुख एजेंड़े में शामिल है जहां पार्टी अपना पुराना खोया हुआ मुकाम हासिल करना चाहती है। लोस चुनाव में उत्तरप्रदेश में कांग्रेस इसकी शुरुआत कर चुकी है तो बिहार में भी इसी चुनाव में पार्टी ने अपने बूते प्रदेश की राजनीति में खुद को प्रासंगिक बनाने का रोडमैप तय कर लिया। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को किनारा कर चुकी कांग्रेस को बिहार में संगठन का भविष्य दिखाई देने लगा है।
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