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उ0प्र0 माध्यमिक शिक्षा में भ्रष्टाचार का बोलबाला 5 लाख रूपये की रिश्वत लेकर 20 लाख 34 हजार 544रूपये की रिकवरी माफ कर दी-भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के प्रमाण यूपीखबर के पास है सतर्कता अधिष्ठान उत्तर प्रदेश से जांच कराई जाने कि मांग
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यूपीखबर-उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा में भ्रष्टाचार का बोलबाला 5 लाख रूपये की रिश्वत लेकर 20 लाख 34 हजार 544रूपये की रिकवरी माफ कर दी भ्रष्ट अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश का माध्यमिक शिक्षा विभाग फर्जी नियुक्तियों के घोटालों के चलते आये दिन सुर्खियों में रहता है परन्तु प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री, माध्यमिक शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव एवं विभाग की प्रमुख सचिव इस ओर कोई सुध नहीं ले रहे हैं। फर्जी अनुमोदन, फर्जी डिस्पैच नम्बर, फर्जी पद सृजन आदेश फर्जी हस्ताक्षर के लिए दोषियों को साफ साफ बचा रहे हैं माध्यमिक शिक्षा विभाग के भ्रष्ट व रिश्वतखोर अधिकारी। माध्यमिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश मे फर्जी नियुक्तियों के इस गोरख धन्धे का छोटा सा उदाहरण है गौरी शंकर इन्टर कालेज अल्लीपुर जिला गाजियाबाद। इस विद्यालय के प्रबन्धक एवं प्रधानाचार्य कमलेश कुमार गौड ने फर्जी अभिलेखों के आधार पर गौरी शंकर इन्टर कालेज अल्लीपुर में शिक्षकों एवं कर्मचारियों का षडयन्त्र रचने के साथ साथ प्रदेश के अन्य जनपदों में भी फर्जी अभिलेखों के आधार पर नियुक्तियों के व्यापार को अजाम दिया है इस कि जानकारियां शिक्षा विभाग के समस्त अधिकारियों को है और संरक्षण दे रहे हैं। अधिकारों का खुला दुरूपयोग, भ्रष्टाचार चरम सीमाओं पर विजिलेन्स जांच में साफ होगा कि कितने करोड का नुकसान है उत्तर प्रदेश राजकोष को। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी भ्रष्टाचारा की समस्त सिमाओं को पार कर गये हैं तथा 5 लाख रूपये कि रिश्वत लेकर अपर शिक्षा निर्देशक मा० श्री महानन्द मिश्रा व लिपिक कलीम ने तथ्यों को तोड मरोड कर 20 लाख 34 हजार 544 रूपये की रिकवरी आदेश को मांफ कर दिया प्रमाण फाईलों में मौजूद हैं। फर्जी अनुमोदन, फर्जी डिस्पैच नम्बर, फर्जी हस्ताक्षर, फर्जी दिनांक, फर्जी अभिलेखों को तैयार करके गौरी शंकर इन्टर कालेज अल्लीपुर के पूर्व प्रबन्धक खेमचन्द्र एवं प्रधानाचार्य कमलेश कुमार गौड ने शिक्षकों की नियुक्तियों का षडयन्त्र रचा और शासन के राजकोष से 20 लाख 34 हजार 544 रूपये को निकाल लिया गया। उत्तर प्रदेश शासन के माध्यमिक शिक्षा को जब तथ्यों का ज्ञान हुआ तो बैठकों का दौर प्रारम्भ्रा हुआ जांच हुई जाचों में पाया गया समस्त अभिलेख फर्जी रूप से तैयार किये गये हैं। राजकोष से अवैधानिक भुगतान हुआ है तथा अवैध भुगतान कि रिकवरी कि जानी चाहिए के आदेश जारी हुए। जिला विद्यालय निरीक्षक गाजियाबाद ने अपने आदेश संख्या मा०2/6278-86/2006-07 दिनांक 1-8-2006 के द्वारा भूराजस्व की भांति वसूलि के लिए जिलाधिकारी गाजियाबाद को लिखा कि के० के० गौड तथा खेमचन्द्र से 20 लाख 34 हजार 544 रूपये की वसूली की जाये वसूली आदेशों के विरूद्ध के० के० गौड मा० उच्च न्यायालय गया न्यायालय में जिला विद्यालय निरीक्षक गाजियाबाद ने शपथ पत्र में कमलेश कुमार गौड के झूठ को उजागर करते हुए फर्जी नियुक्तियों के प्रमाण न्यायालय में प्रस्तुत किये न्यायालय ने शिक्षा निर्देशक माध्यमिक शिक्षा को निस्तारण के लिए अधिकृत कर दिया। अपर शिक्षा निर्देशक माध्यमिक महानन्द मिश्रा ने कार्यालय के लिपिक कलीम के साथ मिलकर 20 लाख 34 हजार 544 रूपये कि रिकवरी को खत्म करने के लिए षडयन्त्र रचा आम चर्चा है कि रिकवरी को माफ करने के लिए 5 लाख रूपये कि रिश्वत अपराधियों से लेकर रिकवरी की पत्रावली से सभी प्रमाणों को अन देखा करते हुए कमलेश कुमार गौड के उपर से 20 लाख 34 हजार 544 रूपये की रिकवरी को माफ करने का अभियान प्रारम्भ करा। भ्रष्टाचार के इस अभियान में कृष्ण मोहन त्रिपाठी शिक्षा निर्देशक माध्यमिक उत्तर प्रदेश ने भी पूरा सहयोग प्रदान कर निर्देश जारी कर दिये हैं तथा आज कमलेश कुमार गौड उत्तर प्रदेश सरकार के राजकोष को 20 लाख 34 हजार 544 रूपये का चूना लगा कर बडे आराम से बैठा हुआ है। उपरोक्त फर्जी नियुक्तियों के सभी प्रमाण तथा इस विवाद के 20 लाख 34 हजार 544 रूपये को किस प्रकार रिश्वत के दम पर अभिलेखों में हेरा-फेरी कि गई है यू० पी० खबर के पास मौजूद है।प्रमाणों से स्पष्ट है कि स्वार्थो कि पूर्ति के लिए माध्यमिक शिश्क्षा विभाग के भ्रष्ट व रिश्वतखोर अधिकारी अपने अधिकारों का खुला दुरूपयोग कर रहे हैं। फर्जी अनुमोदन, फर्जी दिंनाक, फर्जी सेवा पंजिका व स्थानान्तरण आदेश के सहारे कमलेश कुमार गौड ने अपने विद्यालय अल्लीपुर से बुलन्द शहर के बनबोई इन्टर कालेज में भी फर्जी स्थानान्तरण करा दिया जिसे जिला विद्यालय निरीक्षक इन्दुबाला गौड ने पकडा तथा 18 लाख रूपये कि रिकवरी आदेश जिलाधिकारी गाजियाबाद को भेजे गये जिसे षडयन्त्र रच कर रिकवरी को वापिस मगां लिया गया। ऐसे अनेक प्रकरण इस विद्यालय के मौजूद हैं। शिक्षा विभाग की फाईलें तुरन्त कब्जे में लेकर जांच कराई जाये तथा महानन्द मिश्रा का निलम्बन किया जाये तथा पेन्शन आदि को रोकने के आदेश हों, जिससे स्पष्ट हो कि श्री महानन्द ने कितना रूपया अवैध रूप से कमाया है और अधिकारों का दुरूपयोग कर राजकोष को कितने करोड की क्षति पहुंचाई है।श्री महानन्द मिश्रा के पास कराडो रूपये कि सम्पत्ति बताई जाती है आम चर्चा है कि अनेक बार विदेश यात्रा पर जाते है और काले धन को विदेशी बैको में अपने रिश्तेदारो के नाम पर जमा कराते है कलीम व श्री महानन्द मिश्रा के बैक खातो कि जाचं हो अपने भ्रष्टाचार/रिश्वतखोरी को छिपाने के लिए महानन्द मिश्रा अपर शिक्षा निर्देशक मा० के द्वारा प्रचार किया जा रहा है कि वह प्रदेश की सत्ता के दूसरे सतम्भ के नजदीक के रिश्तेदार हैं, हमारे संवाददाता को भी दबाव में लेने का प्रयास किया भ्रष्टाचार के समस्त प्रमाण यू० पी० खबर के पास मौजूद हैं विजिलेन्स जांच या अन्स ऐंजेन्सी से जांच के समय उपलब्द्ध कराये जायेगें।
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